शोर शराबे के चलते नहीं चल सकी सदन की कार्यवाही

lucknow v

 

लखनऊ। ब्यूरो

लोकसभा में पारित हुए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने जमकर हंगामा किया। हंगामें के बीच विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने विधायी कार्य निपटाते हुए कार्यवाही को गुरूवार तक के लिए स्थागित कर दिया। हंगामें की भेंट प्रश्नकाल और शून्य काल चढ़ गया जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थागित करनी पड़ी।

भाजपा ने स्थागित करने की बात कही तो वहीं कांग्रेस ने कहा कि इस पर चर्चा होनी चाहिए। भाजपा का तर्क था कि यह बिल लोकसभा में जब पारित हो गया तो इस पर चर्चा को कोई औचित्य नहीं बनता वहीं कांग्रेस ने यह अभी अधिनियम नहीं बना है तो इस पर चर्चा होनी चाहिए। दोनांे दलों में इस बात को लेकर तीखी नोंक-झोंक होने लगी और दोनों दल वेल में आ गये। प्रश्नकाल के बाद जब दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो भाजपा और कांग्रेस के सदस्य वेल में जमे रहे और हंगामा करते रहे। हंगामें के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने विधायी कार्य निपटाते हुए सदन की कार्यवाही को 12 मार्च तक के लिए स्थागित कर दिया गया।

सदन की कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस ने वकीलों पर हुए लाठीचार्ज का मामला उठाया और उसके बाद कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह व बसपा के डा धर्मपाल सिंह ने भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार से एक सवाल किया कि 31 दिसंबर 2014 द राईट टू फेयर कम्पनसेशन एंड ट्रांसपेरेन्सी इनलैडएक्यूजिशन, द हैबिलीटेशन एंड रिसिटिलमेंट संशोधन आर्डीनेंस 2014 के संशोधन राज्य सरकार को प्राप्त हुए है या नहीं। इस पर राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर दिया बाद में कांग्रेस सदस्यों ने इस पर अनुपूरक पूछना शुरू ही किया था कि भाजपा सदस्यों ने एक बार फिर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल जिसके बारें में सवाल किया जा रहा है उसका अब कोई औचित्य ही नहीं रह गया है। लोकसभा में कल ही संशोधनों के साथ बिल पास हो गया है।

भाजपा की आपत्ति के बाद कांग्रेस सदस्यों व भाजपा के बीच नोंकझोंक शुरू हो गई। अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने मध्यस्थता करते हुए कहा कि बिल अभी लोकसभा से पास हुआ है और राज्य सभा में अभी इस पर चर्चा होनी है इसलिए यह सवाल यहां पर उठाया जा सकता है लेकिन भाजपा और कांग्रेस सदस्य आपस में बहस करते रहे कांग्रेस सदस्यों का आरोप था कि भाजपा इस सवाल पर चर्चा नहीं कराना चाहती है तभी वह इस सवाल को सदन में आने से रोक रही है। इस बीच भाजपा अपनी बात पर अड़ी रही तब कांग्रेस और रालोद के सदस्य वेल में आ गये और नारेबाजी करने लगे।

सदन अव्यवस्थित देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले दस मिनट के लिए स्थगित कर दीगई जिसे बाद में पन्द्रह मिनट और बढ़ा दियार गया। जब दोबारा सदन शुरू हुआ तब भी हंगामा जारी रहा। इस पर नेताप्रतिपक्ष बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह किसान विरोधी बिल है भाजपा और कांग्रेस दोंनो मिले हुए है वह इस पर चर्चा नहीं कराना चाहते है।

भूमि अधिग्रहण बिल किसान विरोधी है और किसानों का गला घोंटने के लिये लाया गया है। लेकिन हंगामा जारी रहा और भाजपा सदस्य भी वेल में आ गये। बाद में संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि मात्र विवाद इतना है कि प्रश्नकर्ता सीधे प्रश्न नहीं पूछ रहा है इस पर भाजपा के राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि उत्तर के साथ जो संलग्न आया है वह इंग्लिष में है। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि जैसा संसद से आया है वैसा ही दिया गया है।

बसपा की ओर से इस मुददे पर चर्चा की मांग की गई लेकिन शोरशराबे के कारण उन्हें अपेक्षित जवाब नहीं मिला जिसके बाद वह सदन से बर्हिगमन कर गये। बाद में हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही फिर स्थगित हुई और पूरा प्रश्नकाल और शून्य काल हंगामे की भंेट चढ़ गया।

You may also like...

1 Response

  1. lokdastak says:

    anil hope u like our news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *