मंथन——मन की बात

अरूण सिंह -सम्पादक
UPJ
आज मन बहुत अशांत है देश की स्थिति और उसमे रहने वाले बुद्धिजीवी देश को कौन सी दिशा सेना चाहते है समाज नहीं आ रहा है आज जो कुछ जे इन यू में हुआ उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे जेएनयू शिक्षा संस्थान न हो कर आतंकवादियों ,देश द्रोहियो का प्रशिक्षण केंद्र हो गया है ! जहा विद्यार्थी आतंकवाद ,देश द्रोह पर पी एच डी कर रहे है ! जहाँ हमारे देश के पैसे से शिक्षा ग्रहण कर रहे है और हमारे विरुद्ध नारेबाजी करते है ! देश द्रोही अफजल गुरु को महिमा मंडित करते है !
यह देश की सहनशीलता की पराकाष्ठा है की ऐसे संस्थान देशद्रोह में लिप्त है ! जहा भारत को बरबाद करने की कश्मे खाई जाती हो इंडिया गोबैक के नारे रहे है ! इन सबके पीछे हाँथ किसी का भी हो उन्हें बख्सा नहीं जाना चाहिए ! जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में १ स्टूडेंट पर एक टीचर है जबकि अन्य जगहों पर २६स्तुदेन्त पर एक टीचर है ! हम एक स्टूडेंट की पढ़ाई पर ३ लाख रूपये खर्च करते है और वही स्टूडेंट हमें बर्बाद करने और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहा है !
समय रहते यदि हम नहीं चेतते है तो जल्द ही पूरा देश गृह युध्द में झुलसता नज़र आएगा ! हमें तत्काल कोई ठोस कदम उठाना होगा ! केंद्र सरकार को तत्काल ठोस कदम यथाने होंगे ! यहाँ हमारे बुध्ध्जिविओ को असहिस्नुता नहीं नज़र आ रहा है ! हमसे उलट पेरिस में आज आतंकवाद के विरुद्ध नया प्रस्ताव पारित किया जा रहा है की जो लोग आतंकवादी गति विधियों में लिप्त पाये जायेगे उनकी नागरिकता समाप्त कर दी जाएगी और यह प्रस्ताव १४८ के मुकाबले १६२ से पास हो गया !
हमें ही समय रहते कुछ इस तरह के कदम उठाने होंगे जो लोग आतंकी अफज़ल गुरु की बरसी मना रहे है ,पाकिस्तान जिन्दावाद के नारे लगा रहे है उन्हें जेल में डाल कर देश द्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए ! ये सब देश द्रोही है जो हमारे संविधान में दी हुई अभिब्यक्ति की आज़ादी का अनुचित लाभ उठा रहे है !
मेरा आप सब से अनुरोध है की आप हमारे साथ आये और अपनी प्रतिक्रिया ,कलम बुद्धिमत्ता से सरकार पर दबाव बनाये जिससे इन आतंकवादियों देश द्रोहियो के खिलाफ कार्यवाही हो सके ! आज हमें भी पेरिस जैसे कानून की आवश्यकता है !

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