इसरो ने श्रीहरिकोटा से 7th नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च किया

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हैदराबाद/नई दिल्ली. इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से 7th नेविगेशन सैटेलाइट गुरुवार को लॉन्च किया। नरेंद्र मोदी दिल्ली से ही लॉन्चिंग प्रॉसेस देख रहे थे। माना जा रहा है कि इस कामयाब लॉन्चिंग से अमेरिका के जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) पर डिपेंडेंसी कम हो जाएगी। भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। मोदी ने इस कामयाबी पर क्या कहा…

– सैटेलाइट की कामयाब लॉन्चिंग के बाद मोदी ने कहा, ”ये आकाश में भारत की एक और लंबी उड़ान है। लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए स्पेस साइंस का रोल अहम है।”

– ”अब हम अपना रास्ता खुद ही तय करेंगे। कैसे जाना है और कहां पहुंचना है। ये हमारी अपनी टेक्नोलॉजी के जरिए होगा।”

– ”ये मेक इन इंडिया की ओर एक बड़ा कदम है। IRNSS-1G सैटेलाइट नेवी और कोस्टगार्ड्स को नेविगेशन में मदद करेगा।”

– पीएमओ ने ट्वीट किया, ”मेड इन इंडिया एंड मेड फॉर इंडियन्स। 125 करोड़ भारतीयों को नया नेविगेशन मिला है।”

क्या है IRNSS?

– आज 7th सैटेलाइट की लॉन्चिंग के साथ ही नेविगेशन प्रोजेक्ट पूरी तरह से कामयाब हो गया।

– सात सैटेलाइट छोड़े जाने के बाद अब IRNSS अमेरिकी GPS की तरह काम करेगा।
– भारत के अलावा यूएस, यूरोपियन यूनियन, चीन और रूस के पास अपना नेविगेशन सिस्टम है।
– इंडियन नेविगेशन प्रोजेक्ट की कुल कीमत 1420 करोड़ रुपए बताई गई है।

करगिल वॉर में यूएस के इनकार से महसूस हुई जरूरत

– 1973 में यूएस ने अपना नेविगेशन प्रोजेक्ट शुरू किया था। भारत भी इसी सिस्टम पर डिपेंडेंट था।

– लेकिन करगिल वॉर के वक्त यूएस ने जीपीएस इन्फॉर्मेशन शेयर करने से इनकार कर दिया। तब इसकी जरूरत महसूस हुई।
– ये सैटेलाइट लगातार डाटा भेजते हैं जिन्हें किसी स्मार्टफोन से भी पढ़ा जा सकता है।
– इंडियन सैटेलाइट सिस्टम बॉर्डर के चारो ओर करीब 1500 किमी के इलाके को कवर करता है।
– IRNSS से सेना और नेवी को तो मजबूती मिलेगी। आम लोगों के लिए भी ये फायदेमंद होगा।

कब-कब लॉन्च हुए सैटेलाइट

– इस प्रोजेक्ट के तहत पहला नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1A जुलाई 2013 में छोड़ा गया था।

– दूसरा सैटेलाइट IRNSS-1B अप्रैल 2014 में, तीसरा IRNSS-1C अक्टूबर 2014 में, चौथा IRNSS-ID मार्च 2015 में।
– पांचवा IRNSS-1E जनवरी 2016 में और छठा 10 मार्च 2016 को छोड़ा गया था।

PSLV-C33 के साथ रवाना हुआ सैटेलाइट

– इसरो का PSLV-C33 सैटेलाइट लॉन्चिंग व्हीकल नेविगेशन सैटेलाइट को स्पेस ऑर्बिट में लेकर रवाना हुआ है।

– इस मौके पर इसरो के डायरेक्टर एएस किरण कुमार समेत कई सीनियर स्पेस साइंटिस्ट्स श्रीहरिकोटा में मौजूद थे।

– IRNSS-1G का पूरा नाम इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है।
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