Category: Editor

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आंतक पर कब तक होगी ओछी राजनीति !

नीरज सिंह विश्व के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश भारत इस वक्त कई अग्नि परीक्षाओं से गुजर रहा है। देश की मोदी सरकार को देश के युवाओं को मेक इन इंडिया के तहत उनके सपनों...

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*.. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ..*

    *लोकदस्तक ग्रुप की ओर से आपको एवं आपके परिवार कोे दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ..   नीरज सिंह ग्रुप एडिटर- हिन्दी दैनिक / साप्ताहिक समाचारपत्र लोकदस्तक, न्यूज बेव पोर्टल लोकदस्तक

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शर्मसार हुआ लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ

NEERAJ SINGH पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ होता है| विधायिका, कार्यपालिका, न्‍यायपालिका को लोकतंत्र के तीन प्रमुख स्‍तंभ माना जाता है| इसमें चौथे स्‍तंभ के रूप में मीडिया को शामिल किया गया|जनता के लिए...

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तलाक….तलाक…..तलाक..एक देश दो कानून !

  देश में सामाजिक तौर समानता के अधिकार से सरोकार रखने वाला एक और मुद्दा गरर्माया है। ट्रिपल तलाक को लेकर देश में बडी बहस का रूप ले लिया है। इस इसकी शुरूआत सुप्रीम...

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काश ! इन्हे भी समझाए कोई…….

उरी घटनाओं को लेकर देश की जनभावना जिस प्रकार उद्देलित हुई शायद कभी हुई होगी। 10 दिनों के अन्दर जिस प्रकार सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के कैंप पर सर्जिकल स्ट्राईक को अंजाम...

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भारत ने रचा एक नया इतिहास,पाकिस्तान को किया बेबस

इस शीर्षक को रखने का अभिप्राय सिर्फ इतना है कि आतंकवाद से पीडित देश एक परमाणुविक क्षमता वाले देश बार्डर के अन्दर घुसकर कार्यवाही करने वाला अमेरिका के बाद दूसरा देश भारत बन गया...

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पाक का नापाक चेहरा उजागर

पाक का नापाक चेहरा उजागर NEERAJ SINGH जम्मू कश्मीर के उरी में सेना के कैम्प पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान का नापाक चेहरा पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गया है। वह पूरी...

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आतंक के खिलाफ जरूरत है एक ठोस कार्यवाही की

भारत देश के उरी सेक्टर में 18 सितम्बर की भोर सुबह सेना के कैम्प पर हुए फिदायीन हमले में 17 जवानों की मौत का जिम्मेदार पाकिस्तान को सबक सिखाने का मौका आ गया है।...

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समाजवादी परिवार पर अमर छाया

NEERAJ SINGH देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के पूर्ब राजनीतिक चहल पहल तेज हो गई है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी खटिया पंचायत कर सुर्खियों में बने हुए...

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देश की व्यवस्था में दोष तो नहीं या वर्तमान में परिवर्तन की जरूरत

देश की व्यवस्था में दोष तो नहीं या वर्तमान में परिवर्तन की जरूरत भारत देश को आजादी मिले हुए 69 वर्ष बीत गये,फिर भी देश की गरीबी नहीं मिट सकी है। हां इतना जरूर...