Category: Editor

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चुनावों में जीतने के लिये अमर्यादित भाषा का प्रयोग जरुरी…?

भारतीय राजनीति में चुनाव के समय पर जनता से सरोकार वाले मुद्दे गौड़ हो जाते हैं।  चाहे यूपी का चुनाव हो,लोकसभा का चुनाव या फिर अब गुजरात में चल रहे चुनावी में भी यही...

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योगी प्रथम परीक्षा में हुए पास,सपा,बसपा फेल,कांग्रेस बेहाल

  उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव मतगणना पूर्ण होने के साथ ही सम्पन्न हो गए है। देश के सबसे बड़े प्रदेश में बीजेपी की भगवा परचम एक  बार फिर लहरा गया, विपक्षी दल...

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विवादों में उलझी पद्मावती ………क्यों !

पद्मावती फिल्म को लेकर आजकल देश भर में आक्रोश व प्रर्दशन देखने को मिल रहा था। पहले तो इस फिल्म से क्षत्रिय व राजा रजवाडे ही विरोध करते हुए दिखे लेकिन अब अनेक हिन्दू...

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दीपावली बिशेष…… एक दीप इन्हें भी समर्पित करें……

  HAPPY DEEPAWALI—– मां लक्ष्मी के पूजन के दीपावली के पर्व पर जहां लोग अपने अपने घरों व दुकानदारों पर साफ सफाई करते हुए मां के आगमन की तैयारी में जुटे हुए हैं। साथ...

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तलाक पर फैसला मुस्लिम महिलाओं के लिए नई रोशनी

तलाक-तलाक …..ये तीन शब्द मुस्लिम महिलाओं के जीवन का सबसे भयावह शब्द और नारकीय जीवन की शुरूआत होती थी। जिसे याद करते ही इन महिलाओं की रूहें कांप जाती थी। लेकिन Supreem court के...

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राजनीति में तुष्टीकरण की परकाष्ठा !

ये सन्नाटा क्यूँ है भाई…………आप सभी इस डायलॉग से परचित अवश्य होंगे क्यों की ये डायलॉग मशहूर फ़िल्म शोले का है। ये आज की राजनीतिक माहौल में सटीक बैठ रहा है। ममता दीदी के...

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अब जाति, धर्म की राजनीति का घट रहा असर!

देश में 18 जुलाई17 का दिन राजनीतिक हलचल से भरा रहा। जब एक तरफ उप राष्ट्रपति के नामांकन हो रहा था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पक्ष व विपक्ष के बड़े नेता शामिल रहे।...

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एक सफरनामा ऐसा भी…पेड न्यूज से फेक न्यूज तक

इंसान हो या इतिहास हो समय के साथ साथ बदलता रहा है। इंसान कभी गुणों की तरफ बढता है या फिर अवगुणों तरफ । इस प्रकार अपने कार्यों व कर्मों के आधार पर अपना...

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एक कानून दो व्यवस्था कब तक !

हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। आजादी के बाद देश में एक विस्तृत संविधान लागू हुआ। जिसमें लिखा गया कि देश का हर नागरिक अमीर- गरीब,जाति-धर्म,रंग-भेद,नस्लभेद क्षेत्र-भाषा भले ही अलग हो...