अब जाति, धर्म की राजनीति का घट रहा असर!

देश में 18 जुलाई17 का दिन राजनीतिक हलचल से भरा रहा। जब एक तरफ उप राष्ट्रपति के नामांकन हो रहा था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पक्ष व विपक्ष के बड़े नेता शामिल रहे। उधर संसद के राज्यसभा में दलित की बेटी को बोलने नही दिया जा रहा था। और अपने को दलित की बेटी व दलित की मसीहा कहने वाली मायावती इस बात से खपा होकर राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन पर आरोप मढ़ दिया कहा कि दलितों और अल्पसंख्यक की बात कहने से रोका जा रहा है,और गुस्से से इस्तीफा देने की धमकी देते हुए सदन से बाहर निकल गई।
            दलित की बेटी को अब मसीहा बनने के अलावा कोई रास्ता भी नही बचा है। उनका कहना है कि उन्हें मुजफ्फरनगर नहीं जाने दिया गया और दलितों से मिलने नही दिया गया। अरे मायावती जी इससे पहले भी कभी दलितों के सुख दर्द में शामिल हुई? जब कोई पार्टी के नेता दलितों के घर जाते तो उन्हें इसमें दलित राजनीति दिख जाती थी। तो क्या आप दलित राजनीति नही कर रही हैं!
         हद हो गई है दलित दलित दलित,अल्पसंख्यक अल्पसंख्यक की दुहाई देना बंद करना चाहिए । चार बार देश की सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में शासन करने वाली दलित की बेटी दलित का विकास करने से रही , हाँ दौलत की बेटी जरूर बन कर उभरी। आखिर क्या बात है कि यूपी की जनता ने जिसमें दलित भी हैं,दलित की बेटी व उनकी पार्टी को नकार दिया है।
एक नही दो चुनावों में सफाया से साफ़ संकेत है कि कहीं न कहीं कमी जरूर रही है ,उस पर मंथन करने की जरूरत है, न की इस्तीफा देकर शहीद बनने की ये सस्ती लोकप्रियता से सत्ता में वापसी आसान नहीं है। दलित समाज के नाम पर ढोंग से काम चलने वाला नहीं बल्कि उनके बीच जाकर उनकी शैक्षणिक, सामाजिक स्तर पर मदद कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जाने की आवश्यकता है।
      ये सिर्फ मायावती जी के साथ नहीं ,सभी दलों के नेताओं व सरकारों को सर्वसमाज के विकास के लिए काम की जरूरत है क्योंकि आज देश की जनता काफी जागरूक हो चुकी है, कुछ वर्षों से जनता का निर्णय सभी दल को चेता दिया कि अगर आप काम नहीं करेंगे तो सत्ता से बाहर फेंकने का कार्य किया है। इसलिए अब जाति, धर्म,पर देश नही चलने वाला अब सिर्फ विकास से ही काम चलेगा। अगर ऐसा कोई दल व नेता नही करता है तो उसका सफाया करने में जनता कतई गुरेज नहीं करेगी।
@नीरज सिंह

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *