किसानों के हित में लड रही है कांग्रेस व भाजपा या फिर ——-!

किसानों के हित में लड रही है कांग्रेस व भाजपा या फिर ——-!
नीरज सिंह
देश की सियासत में अपना रसूख कायम किए हुए अमेठी संसदीय क्षेत्र जोकि गांधी परिवार जुडी होने के कारण हर छोटी बडी बातें मीडिया की नजरों में महत्वपूर्ण रहती हैं। यही नही देश भर के राजनीतिक जानकारों के लिए यहां का छोटा बडा घटनाक्रम विशेष होता है।अब जरा हाल के घटनाक्रम पर नजर डालते हैं। आने वाला मई का पखवारा राश्ट्रीय राजनीतिक पटल पर अमेठी की गूंज अवश्य सुनने को मिलेगी। राहुलगांधी के अज्ञातवास की वापसी बाद मोदी सरकार पर किसानों को लेकर ,भूमि अधिग्रहण आदि पर सडक हो या फिर संसद में आक्रामक तेवर में दिख रहे हैं।
इस बार अमेठी सुर्खियों में तब आयी जब वह संसद में सरकार पर व पंजाब के किसानों की फसलों के नुकसान पर चर्चा कर रहे थे कि तभी केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री असिमरत कौर बादल ने कहा कि राहुल जी पंजाब के किसानों का हाल क्या देख रहे हो पहले अपने क्षेत्र अमेठी के किसानों के हाल को जान लो जो दो माह से ओलावृश्टि झेल रहे और आप का पता नही है। इतने में ही बात खत्म नही हुई मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित अति महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट सिटी में अमेठी को शामिल करा कर कांग्रेस को और उलझन में डालने काम किया। इसका मकसद राहुल गांधी के क्षेत्र में मोर्चा खोलकर उन्हे अहसास कराने ओैर अमेठी की ध्यान केन्द्रित करने प्रयास माना जा रहा है।
वही एक बार मोदी सरकार ने राहुल के सामने केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री को खडा करने काम किया। जोकि अमेठी से चुनाव लड़कर हार चुकी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी एक दिवासीय दौरे पर अमेठी आ रही हैं। वहीं अमेठी के संासद राहुल गांधी भी पांच माह बाद अमेठी के दो दिवासीय दौरे पर 18 व 19 मई को तब आ रहे हंै जब उन्होंने संसद में मेगाफूड प्रोसेसिंगपार्क के रद्द होने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगा कर मोदी सरकार को घेरने की कोशिस की ।
कहने को तो दोनो ही लोग किसानों के साथ मिलकर उनका दुख-दर्द बांटने को आ रहे है। पर यहां भी असल मुद्दा किसानों के दुख-दर्द से ज्यादा मेगाफूडपार्क को ही लेकर गर्म रहने के आसार है। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर ईरानी के दौरे का विरोध करने का ऐलान कर रखा है। जिसको लेकर भाजपा व कांग्रेस दोनों ही खेमे में माहौल बेहद गर्म हो चुका है।
लगभग तीन माह से अमेठी के किसान कभी बारिश कभी ओला व कभी तेज आंधी से अपनी फसल को बर्बाद होते देखते रहे तब न तो स्मृति ईरानी को और न ही राहुल गांधी को इनकी सुध आयी अब जब बची खुची फसल किसान के घर पहुंच गयी और वह अब धान की फसल की तैयारी में जुटा तब इन नेताओं को जो अमेठी को अपना कहते-कहते नही थकते यहां की सुध आयी है।
लोक सभा चुनाव के बाद दूसरी बार स्मृति ईरानी 12 मई को अमेठी आ रही है। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि वह 25 मई को भी अमेठी आयेंगी। अपने कार्यक्रम के दौरान स्मृति संसदीय क्षेत्र के चार विधान सभा क्षेत्रों पर दौरा करेंगी। भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि स्मृति सलोन, तिलोई, व अमेठी में किसान पंचायत लगायी गयी है। और गौरीगंज में कार्यकर्ताओं का स्वागत करेंगे जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में 25 मई को उनका सम्भावित दौरा है जो किसानों से उनके नुकसान के बारे में जानकारी देंगे और केंद्र सरकार को रिपोर्ट देंगे। उनके साथ कृषि राज्य मंत्री संजीव बलियान भी रहेंगे।
चर्चा है कि 18 व 19 मई को राहुल गांधी के दौरे का जवाब देने के लिए ही 25 को स्मृति ईरानी का जगदीशपुर विधान सभा क्षेत्र में कार्यक्रम बनाया गया है। लेकिन कांग्रेसी भी उनका विरोध करने का मन बना चुके हैं। लब्बोलुआब यही है कि किसानों के दर्द जानने का सिर्फ बहाना है। अमेठी को राजनीतिक रणभूमि बनाने का दोनों राजनीतिक दल मन बना चुके हैं। जनता को किसानों का हितैषी बनने का हाई प्रोफाईल ड्रामे का लाभ कितना मिलता ये वक्त बतायेगा। इतना जरूर है कि आने वाला समय अमेठी की तल्ख राजनीति की तपन पूरे देश में महसूस होने वाली है।

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