बेमौसम बारिश से उप्र में भारी नुकसान, मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत के दिये निर्देश

akhilesh y2
लखनऊ, 02 मार्च । बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश के किसान काफी मायूस हैं। फसलों की हुई बबार्दी से आहत बुंदेलखंड के एक किसान ने फंसी लगाकर आत्महत्या भी कर ली। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को बारिश एवं कतिपय स्थानांे पर ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों को शीघ्र जनपदवार सर्वेक्षण कराकर क्षति का आकलन करने तथा आवश्यकतानुसार धनराशि निर्गत कराकर प्रभावित किसानों में वितरण के निर्देश दिए हैं।
यह जानकारी देते हुए शासन के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रभारी मुख्य सचिव वीएन गर्ग को निर्देशित किया है कि प्रभावित किसानांे को अनुमन्य सहायता राशि वितरित कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने प्रमुख सचिव राजस्व को निर्देश दिए है कि वे समस्त जिलाधिकारियांें से फसलों के नुकसान के सम्बन्ध में सर्वे कराकर आख्या प्राप्त करें। जिससे प्रभावित किसानों को प्राथमिकता पर मदद प्रदान की जा सके। उन्होंने आगाह किया कि इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों से वर्षा एवं कतिपय स्थानों पर ओलावृष्टि के फलस्वरूप फसलों को हुई क्षति के सम्बन्ध में तत्काल आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेशभर में रविवार से हो रही बारिश ने फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आलू, गेहूं, सरसों और दलहन की फसलें बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। बारिश के साथ आई तेज हवाओं ने भी फसल बरबाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बुंदेलखंड में फसल बर्बादी देख एक किसान की सदमे से मौत हो गई, वहीं कर्ज में डूबे दूसरे किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। इधर, मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक अभी दो दिन तक मौसम साफ होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में उठा यह पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान से आया है। बुधवार को मौसम साफ होने का संकेत मिला है।
बेमौसम बरसात से ज्यादा नुकसान बुंदेलखंड, कानपुर, फर्रुखाबाद, इटावा, हरदोई, फतेहपुर व कन्नौज में हुआ जहां वर्षा के कारण आलू की बेल सड़ने की आशंका है। गेहूं की फसलें भी तेज हवाओं से गिर गयी हैं। इसके अलावा बारिश से दहलनी व तिलहनी फसलों का भारी नुकसान हुआ। बरेली में ओलावृष्टि के बाद वर्षा के कारण तमाम फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। मुरादाबाद मंडल में कृषि महकमा 20-30 प्रतिशत जबकि किसान 50 फीसदी से अधिक फसल नुकसान होने की बात कह रहे हैं। वाराणसी, इलाहाबाद व गोरखपुर समेत पूर्वांचल के जिलों में भी बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *