सकारात्मक नजरिया- दुनिया वैसी नहीं है जैसी आपको दिखती है, दुनिया वैसी है, जैसे आप दुनिया के बारे मैं विचार रखते हैं !

आकांक्षा सिंह, उत्तर प्रदेश

दुनिया वैसी नहीं है जैसी आपको दिखती है, दुनिया वैसी है, जैसे आप दुनिया के बारे मैं विचार रखते हैं !
आपके जीवन में जो कुछ भी हो रहा है वो इन कारणों से हो रहा है-
* अतीत में किये गए सकारात्मक विचार यानि आपके द्वारा दिए गए सकारात्मक शैली!
* अतीत में किये गए नकारात्मक विचार यानि आपके द्वारा दिए गए नकारात्मक शैली !
* आपकी प्रार्थनाएं यानि उचतम आर्डर!
* विश्व आपको जो कुछ भी देता है यानि बढ़ता हुआ आर्डर!

आज हम आपको अपने उच्चतम आर्डर के बारे में बताएँगे! जैसा की हम जानते हैं की सकारात्मक घटनाएँ आपके द्वारा दिए गए सकारात्मक आर्डर के कारन होती हैं! साथ ही नकारात्मक घटनाएँ आपके द्वारा दिए गए नकारात्मक आर्डर के कारन होती हैं! अब आपको समझना है कि आपके जीवन में जो नकारात्मक हो रहा है , हो सकता है कि वह उच्चतम प्रार्थनाओं के कारन हो रहा हो!
यदि आपने प्रार्थना कि है कि ” मै जल्दी तरक्की प्राप्त करूँ” तो हो सकता है तो हो सकता है आपको जीवन में ज्यादा चुनौतियां दी गयी हैं ताकि आप जल्दी अपनी क्षमता बढाकर तरक्की कर पाएं! चुनौतियों के कारण आप पर आ रहे दबाव को आप नकारात्मक समझ सकते है परन्तु यह नकारात्मक घटना आपकी प्रार्थनाओं और आपके उच्चतम आर्डर के कारण आपके पास आयीं हैं !
यकीन मानिये आप कुदरत को जो आर्डर देते हैं, कुदरत उससे कई गुना ज्यादा आपको देती है! इससे ही बढ़ता हुआ आर्डर कहते है ! इस बात को समझने के लिए आपको महत्वपूर्ण सूत्र पता होना चाहिए- ” दुनिया वैसी नहीं है जैसी आपको दिखती है, दुनिया वैसी है जैसे आप है यानि जैसे आप दुनिया के बारे मैं विचार रखते हैं!

समझे, कि किस तरह दुनिया आपके लिए आईने का काम करती है! यदि आपकी शिकायत है कि लोग आपकी मदद नहीं करते तो यह आपके इन विचारों का परिणाम है कि ” लोग मेरी मदद नहीं करते”! यदि आपकी शिकायत है कि लोग आपसे बुरा व्यहवार करते हैं तो इसका अर्थ ये नहीं है कि आप लोगों से बुरा व्यहवार करते हैं! इसका अर्थ है कि अपने यह घटना अपने विचारों के कारण आकर्षित कि है! हो सकता है कि आप ये सोचते हों कि ” लोग रूखी बात करते है”
परन्तु कुदरत आपकी ही मान्यताओं को , जो विचारों से बनी है, कई गुना बढाकर आपको लौटाती है!

यदि आप यह विश्वास रखते है कि ” दुनिया में बहुत भ्रष्टाचार है “आप पातेन है कि आपके साथ कुछ लोग सही व्यहवार नहीं कर रहे हैं तो इसका अर्थ यह है कि आपने अपने विचारों द्वारा दुष्टता को अपने जीवन मैं आमंत्रित कर लिया है! इस नियम के अंतर्गत जितना आप ज्यादा यह विचार रहेंगे कि “दुनिया में भ्रष्टाचार है” तो आपको वैसे ही सुबूत मिलेंगे और वैसी ही घटनाएँ आप अपने जीवन में आकर्षित करेंगे! अर्थात जैसे ही अपने पुरे विश्वास से कुदरत में एक विचार बोया- “भ्रष्टाचार” तो कुदरत आपके जीवन में वही दिखती है! अतः अब आप अपना ध्यान भ्रष्टाचार पर नहीं ईमानदारी पर रखें! इससे आप पाएंगे कि आपकी दुनिया ईमानदार लोगों से भर जाएगी!

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2 Responses

  1. lokdastak says:

    Such baat h Ki jaisa soch hogi vaisi duniya dikhegi

  2. lokdastak says:

    Very good article 😊

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