जब भी मटन बनता, वह लम्हा त्योहार से कम नहीं होता फराह खान

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एजेंसी। बिग बॉस 8 की होस्टिंग से लोकप्रियता हासिल करने वालीं फराह खान अब फराह की दावत कुकरी शो में होस्ट बनी हैं। इस शो की खासियत यह है कि इसमें फराह बॉलिवुड सिलेब्रिटीज के साथ कुकिंग करेंगी। यहां फराह अपनी पसंदीदा डिशेज और अपने कुकिंग स्टाइल के राज खोलती हैं। बताते हैं आपको भीरू
इस साल इंडस्ट्री और अपने लिए बजट से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?
मैं तो हमेशा से यही चाहूंगी कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए हमारी सरकार एंटरटेनमेंट टैक्स कम कर दे। एक हाउस वाइफ के तौर पर मैं अपने घर के महीने भर का सामन खुद खरीदती हूं। जब मै सुपर मार्केट जाती हूं तो शॉक्ड हो जाती हूं कि हर महीने चीजें कितनी महंगी होती जा रही हैं7 यह मेरे लिए ज्यादा परेशानी की बात नहीं है, लेकिन सोचकर हैरानी होती है कि इतनी महंगाई में मिडिल क्लास फैमिली अपना गुजारा कैसे करती होगी। मैं जरूर चाहूंगी कि सरकार इस साल के बजट में महंगाई पर ध्यान दे।
लंदन एशियन फिल्म फेस्टिवल से आपको इन्विटेशन आया है, उस बारे में कुछ बताएं?
मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात है। मै लंदन एशियन फिल्म फेस्टिवल में दो मास्टर क्लास लेने वाली हूं, एक कोरियॉग्राफी की और दूसरी फिल्म डायरेक्शन की 7 इन सबके बाद लेस्टर स्क्वेर थिएटर में मेरी फिल्म ओम शांति ओम का सिंग अलॉन्ग स्क्रीनिंग होने वाला है7 सिंग अलॉन्ग एक नई चीज है, जहा स्क्रीनिंग के वक्त जब गाना आता है, तब कराओके स्टाइल में स्क्रीन पर लिरिक्स आता है और फिर सभी फिरंग और ऑडियंस एक साथ उस गाने को गाते हैं 7 मेरे लिए यह बहुत ही मजेदार अनुभव होने वाला है।
फराह की दावत शो कितना अलग है अन्य कुकरी शोज से ?
यह एक ऐसा कुकरी शो है, जिसमें खाने की बातचीत तो होगी ही, लेकिन साथ ही यह शो बहुत ज्यादा मसालेदार और एंटरटेनिंग होने वाला है। जैसा मसाला लोगों को मेरी फिल्मों में देखने को मिलता है, ठीक वैसे ही मेरे इस कुकरी शो में देखने को मिलेगा। कुकिंग के अलावा ढेर सारी गॉसिप और एंटरटेनिंग एलिमेंट्स देखने को मिलेंगे। शो के हर एपिसोड में नए स्टार आकर होस्ट के साथ कुकिंग करेंगे, जो बाकी कुकिंग शोज में नहीं होता है। यही इस शो की सबसे अनोखी बात है7 ऑडियंस इस शो के जरिए मनोरंजन के साथ-साथ नई रेसिपीज भी सीख सकते हैं7
क्या आपके बच्चे भी खाने की शौकीन हैं?
वैसे जब कभी मेरे बच्चे कोई टूर्नामेंट जीत कर आते हैं, तो उनकी फरमाइश सीधे चाइनीज रेस्ट्रॉन्ट जाने की होती है। मेरे बच्चे मेरी तरह फूडी नहीं हैं। मेरी आदत रही है कि मैं अपने बच्चों को उनके भूख लगने से पहले ही खाना खिला देती हूं। शायद यही कारण है कि उन्हें भूख क्या होती है, इसका अहसास नहीं है। मेरी बेटी इस शो को बहुत इंजॉय करती है। शो में मेरे द्वारा बनाए गए डिप्स की वरायटी उन्हें बहुत पसंद है। हर रात मेरी बेटियां मुझे डिप्स बनाने को कहती हैं। हम साथ में मिलकर डिप्स बनाते हैं।
खाने से जुड़ी बचपन की कोई याद हमारे साथ शेयर करना चाहेंगी?
बचपन में फैमिली की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। घर में अक्सर नॉर्मल खाना बना करता था। मैं और साजिद नॉनवेज के शौकीन थे। हम अक्सर घर में मटन बनने का वेट किया करते थे। घर में मटन बनना हमारे लिए किसी सेलिब्रेशन से कम नहीं था। जब भी मटन बनता, वह लम्हा हमारे लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता। मैं अपने हिस्से का मटन बाद में खाने के लिए बचा कर रखती थी, लेकिन साजिद आकर सारा मटन चट कर जाता था। जब कभी हमारा फिल्म देखने का प्लान बनता था, हम पहले से पैसे जुटाना शुरू कर देते थे। मैं चंदन थिएटर के समोसे और जुहू चैपाटी की भेल खाने के लिए बहुत उत्सुक रहती थी। मैं हमेशा से ही खाने के लिए ही जीती हूं।

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